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लेखनी कहानी -03-Apr-2023

                      विषय:- समय⏲️⏲️

  गजब का है समय
 आज 8:00 तो, कल भी 8:00 बजेगा ।
 आज सुबह है तो ,कल भी सुबह होगा ।।
क्या बदला सुबह तो वही है ,
क्या बदला समय तो वही हैं।
 लेकिन समय कभी ,रुकता भी तो नहीं है 
समय बदला, नहीं समय बढ़ा है
 जब समय बढ़ता है ना, तो सब को बढ़ाता है
 कभी हमें पीछे देखने के लिए ,मजबूर नहीं करता है 
 
                कद्र  किया करो समय कि तुम बंदे ,
               जब समय कद्र करेगा ,तो महंगाई बढ़ेगी ।।
               आज नहीं तो कल यह ,सब को याद आएगी, 
               कुछ छूट गया पीछे कुछ, समेट के ले जाना है।
                 कुछ पलों को खोकर भी, साथ ले जाना है।।


            (रबिना विश्वकर्मा की कलम से ✍️ ✍️)

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1 Comments

Renu

03-Apr-2023 04:55 PM

👍👍🌺

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